बालोद | आम आदमी पार्टी ने छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर किसानों को हो रही परेशानियों पर गंभीर चिंता जताई है। पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में धान खरीदी शुरू होने के बाद से ही किसानों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। आम आदमी पार्टी लगातार किसानों से जुड़े मुद्दों पर विज्ञप्ति और ज्ञापन देती रही है तथा 12 दिसंबर 2025 को प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन भी किया गया था, इसके बावजूद सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष (किसान विंग) तारेंद्र चंद्राकर ने बताया कि वर्तमान में सरकार ने धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 निर्धारित की है, जबकि विभिन्न कारणों से इस वर्ष खरीदी प्रक्रिया देर से शुरू हुई। ऐसे में धान खरीदी की अवधि 10 फरवरी 2026 तक बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि किसान अपनी पूरी फसल बेच सकें। उन्होंने यह भी मांग की कि स्वर्णा धान को बारीक धान की श्रेणी में शामिल किया जाए, जिसे फिलहाल मोटे धान की श्रेणी में लिया जा रहा है। साथ ही जिन किसानों का पंजीयन, रकबा सुधार या अन्य कारणों से धान नहीं बिक पाया है, उन्हें प्रक्रिया पूरी कराकर खरीदी का अवसर दिया जाए, ताकि कोई भी किसान वंचित न रहे।
प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि धान खरीदी की राशि केवल जिला सहकारी बैंकों के माध्यम से देने की अनिवार्यता समाप्त की जाए और किसानों को अपनी पसंद के किसी भी बैंक में भुगतान की सुविधा मिले। वर्तमान में 25,000 रुपये की किस्तों में दी जा रही राशि को समाप्त कर किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार पूरा भुगतान एक साथ किया जाए। उन्होंने खरीदी केंद्रों में धान लेकर प्रवेश के समय किसान की फोटो खींचने की अनिवार्यता को भी समाप्त करने की मांग की। साथ ही सरकार पर परिवहन अनुबंध और डीओ जारी करने में देरी का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे खरीदी प्रभावित हो रही है।
प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता प्रियंका शुक्ला ने कहा कि यह सरकार की सोची-समझी नीति है, जिससे किसानों से कम धान खरीदा जा सके। सोसायटियों में लंबे समय तक धान पड़े रहने से सूखत का नुकसान भी उन्हीं को उठाना पड़ता है, जबकि पिछले वर्षों का सूखत भुगतान अब तक सरकार ने जारी नहीं किया है। कई सोसायटियों में डेली लिमिट नहीं बढ़ाई गई है, जिससे पूरी खरीदी नहीं हो पा रही। उन्होंने सरगुजा क्षेत्र की अमेरा खदान परियोजना में परसोढ़ी कला गांव की तीन फसलीय कृषि भूमि छीने जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार को किसानों से संवाद कर उनकी मांगों को मानना चाहिए।
आम आदमी पार्टी ने मांग की कि सभी धान खरीदी केंद्रों में स्वच्छ पेयजल और शौचालय की व्यवस्था की जाए, अधिक से अधिक किसानों को एटीएम कार्ड दिए जाएं तथा सभी बैंकों में मान्य एटीएम के माध्यम से प्रतिदिन कम से कम 40,000 रुपये निकालने की सुविधा दी जाए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि छत्तीसगढ़ भाजपा सरकार किसानों की इन मांगों को शीघ्र पूरा नहीं करती है, तो 5 फरवरी 2026 को किसानों के साथ मिलकर प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन किया जाएगा।

